एक छोटी सी प्रेरणा नन्हे से बच्चे को एक महान व्यक्तित्व में बदल सकती है

एक छोटी सी प्रेरणा चट्टान को भी मजबूर कर सकती है

प्रेरणा की शक्ति

प्रेरणा वह शक्ति है जो एक मनुष्य को महा शक्तिमान बना सकती है और उसके अंदर के छिपे हुए महान व्यक्तित्व को सब के सम्मुख ला सकती है|

प्रेरणा को जितना ही विस्तार किया जाए उतना ही कम है इसका मूलभूत महत्व यही है कि –

जिस प्रकार मनुष्य अपनी समस्याओं के समय में ईश्वर का ध्यान करता है और उनसे प्रार्थना-विनती करता है जिससे कि मनुष्य को एक सहारा मिलता है – एक बल मिलता है| जिससे वह अपने दुख दर्द को कब महसूस करता है, उसी प्रकार से प्रेरणा मनुष्य को बहुत ही अधिक संभावनाओं से भर देती है| जिससे कि वह अनगिनत कठिनाइयों के बावजूद अपने लक्ष्य को बखूबी प्राप्त करता है – यही सार है प्रेरणा का

अस्त-व्यस्त जीवन 

आज के समय में जब जीवन बहुत अधिक अस्त-व्यस्त हो गया है लोगों के पास खुद के लिए भी समय नहीं रह गया है और ना जाने किस चीज की तलाश में मनुष्य बस दौड़ता भागता ही फिर रहा है –

लेकिन फिर भी ना ही मनुष्य को संतुष्टि है और ना ही उसे वह चीज प्राप्त हो पा रही है जिसकी तलाश में वह भागता फिर रहा है |

ऐसी कठिनाइयों समस्याओं और परेशानियों से घिरा हुआ | आदमी अपने आप को बहुत ही असहाय और मजबूर समझने लगता है और धीरे-धीरे उसकी संभावनाएं-महत्वकांक्षाएं दम तोड़ने लगती हैं |

प्रेरणा – सही मार्गदर्शन

यही वह समय होता है जब मनुष्य को एक सही मार्गदर्शन और एक सही उम्मीद की तलाश होती है, लेकिन बहुत कम ही ऐसे खुश नसीब होते हैं जिनको वो रास्ता दिख पाता है और उस पर वह आगे बढ़ पाते हैं |

नहीं तो बहुत ही अधिक संख्या में वह लोग हैं जो हताश और मायूस होकर अपनी इच्छाओं का गला घोट देते हैं और उसी भीड़ में वह हो चले-चलते हैं जिसमें कि कोई भविष्य नहीं है बस एक भीड़ है |

प्रेरणा ही है जो ऐसे हताश-निराश मनुष्य को रास्ता दिखाता है और उनकी काबिलियत और हुनर के हिसाब से उनकी मंजिल और मकसद तक उन्हें पहुंचाता है |

जरूरत इतनी है

बस जरूरत इतनी है कि जरूरतमंद इंसान को सही समय पर सही प्रेरणा और सही मार्गदर्शन मिल सके |

हम में से बहुतों ने एक बात को महसूस किया होगा कि जब हम अपने किसी दोस्त मित्र के साथ होते हैं और चर्चाएं होती हैं|

उस दौरान कोई यदि हमारी छोटी सी भी प्रशंसा कर देता है तो हमको बहुत ही खुशी मिलती है बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है और उस समय हम अपने आप को बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली महसूस करने लगते हैं |

कोई चमत्कार नहीं होता है

यह कोई चमत्कार नहीं होता है बस यह इतनी सी बात होती है कि हमें किसी के द्वारा किए गए प्रशंसा से बहुत ही प्रेरणा मिल जाती है आत्मविश्वास मिल जाता है और हम इसके बाद उसी काम को और ज्यादा लगन से करने लगते हैं |

इसी प्रकार से प्रेरणा हर जगह पर काम करती है – हम हताश और निराश क्यों होते हैं ?

इसका सीधा सा जवाब है कि हम अपने हिसाब से सही काम करते हैं या जरूरत से ज्यादा काम करते हैं लेकिन हमें उसके अनुरूप ना ही प्रशंसा मिलती है और ना ही उसके हिसाब से हमको तनख्वाह मिलती है |

इसी वजह से हमारा आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है और हम अपने आप को कहीं खोने लग जाते हैं |

ऐसे समय में आवश्यकता होती है कि हमारा कोई मित्र या जान पहचान वाला हमें हिम्मत दें सलाह दें और हमारे टूटे मनोबल को एक सहारा दे |

लेकिन आज के समय में सही दोस्त और सही सलाह मिलना बहुत ही मुश्किल है इसीलिए हम भटकने लगते हैं | किस्मत अगर अच्छी रही तो शायद कोई रास्ता दिख जाए नहीं तो हम भटकते हुए ना जाने किस रास्ते पर चले जाते हैं |

सकारात्मक सोच से भर कर रखना

इसीलिए हमेशा अपने आस-पास और खुद को सकारात्मक सोच से भर कर रखना चाहिए| कभी भी, किसी भी काम, किसी भी व्यक्ति, किसी भी विचार को उसके सकारात्मक तरीके से सोचने का प्रयास करना चाहिए ना कि उसमें कमियां निकालनी चाहिए या उसे बुरा भला कहना चाहिए|

ऐसा करने से किसी का कुछ बिगड़ता नहीं है बस नुकसान हमारा होता है | यह चीजें पता नहीं चलती हैं लेकिन धीरे-धीरे यह चीजें हमें अंदर से खोखला करने लगती हैं और धीरे-धीरे हमारे अगल बगल में सारी चीजें खराब होने लगती है जिसका परिणाम आगे चलकर यह होता है कि हम अपनी सारी अच्छी बातों में यादों से नाता तोड़ने लगते हैं |

सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण

इसीलिए हमेशा कोशिश करिए की सबसे पहले अपने आप को सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण रखिए और हमेशा किसी भी चीज या किसी के बारे में कोशिश करिए कि अच्छा बोलिए या अच्छा ही सोचिए |

हालांकि ऐसा एक बार में ही कर पाना बहुत ही मुश्किल काम है लेकिन धीरे-धीरे करने से इसमें आप सफल हो जाएंगे | और जब आप इस चीज में सफल होने लगेंगे वैसे ही धीरे-धीरे आपके हर एक काम और आपका आचार विचार सब कुछ बदलने लगेगा|

आपके बिगड़ रहे काम भी आसानी से सही होने लगेंगे और जिन चीजों से आपको तकलीफ होती रही होगी उनसे कभी भी आप अपने आप को असहाय या कमजोर नहीं महसूस करेंगे |

प्रेरणा का सार

तो इस पूरी कहानी का यही सार है की प्रेरणा ही वह शक्ति  है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम अपने आपको हमेशा सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण रखें ना कि किसी की कमियों गलतियों और खामियों के बारे में ही हमेशा बात करते रहें और अपने आप को हमेशा कोसते ही रहे |

ऐसा करने से हमेशा हमारा स्वयं का ही नुकसान होगा हमारे व्यक्तित्व का नुकसान होगा हमारे पूरे जीवन का नुकसान होगा |

अपने विचारों को हमारे साथ अवश्य साझा करें और बताएं कि आप इस बारे में अपनी क्या राय रखते हैं |

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